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Social Justice Department : सामाजिक न्याय विभाग
Special Project for Assistance, Rehabilitation & Strengthening of Handicapped (SPARSH) - a caring touch for disabled, old and destitute persons
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विधिक सेवा (विधिक सहायता/सलाह)
उद्देश्य

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत कार्यरत उच्च न्यायलय विधिक सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समितियों द्वारा गरीब, असहाय, पीड़ित एवं अधिनियम के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को समस्त न्यायालयों में उनके विरुद्ध चल रहे प्रकरण या उनके द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने वाले प्रकरणों में नि:शुल्क विधिक सहायता दी जाती है।

योजना का स्वरूप और कार्यक्षेत्र

विधिक सहायता के पात्र व्यक्ति जिसका प्रकरण अदालत में चल रहा हो या चलाना है, उस मामले में लगने वाली

  • कोर्ट फीस
  • तलवाना
  • टाइपिंग/फोटोकापी खर्च।
  • गवाह का खर्च
  • अनुवाद कराने में लगने वाला खर्च
  • निर्णय/आदेश तथा अन्य कागजातों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने का पूरा खर्च।
  • वकील फीस
पात्र हितग्राही

ऐसा व्यक्ति विधिक सहायता/ सलाह प्राप्त कर सकता है

  • जो अनूसूचित जाति/जनजाति का है,
  • ऐसा व्यक्ति जो लोगों के दुर्व्यवहार से पीड़ित है, या जिससे बेगार कराया जा रहा हो।
  • महिला, बालक हो।
  • ऐसा व्यक्ति जो मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है या अन्यथा असमर्थ है या निर्योग्य है। निर्योग्य का तात्पर्य है
    • अंधापन
    • कमजोर दिखाई देना
    • जिसे कुष्ठ रोग है
    • कम सुनाई देना है
    • जो चल फिर नहीं सकता
    • जो दिमागी रूप से बीमार हो
  • ऐसा व्यक्ति जो बहुविनाश, जातीय हिंसा या जातीय अत्याचार से सताया गया है, प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, बाढ़, सूखा आदि से पीड़ित है।
  • ऐसा व्यक्ति जो औद्योगिक कर्मकारी है (फैक्टरी, कंपनी में काम करता है)
  • ऐसा व्यक्ति जो बंदी है।
  • ऐसा व्यक्ति जिसकी वर्षभर की आमदनी ५० हजार रुपये से ज्यादा नहीं है।
सम्पर्क

उपरोक्त विधिक सहायता तहसील न्यायालय से लेकर जिलास्तर के सभी न्यायालयों/अधिकारों उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय में प्रदान कराई जाती है।